दुष्टता का फल
कंचनपुर के एक धनी व्यापारी के घर में रसोई में एक कबूतर ने घोंसला बना रखा था । किसी दिन एक लालची कौवा जो है वो उधर से आ निकला । वंहा मछली को देखकर उसके मुह में पानी आ गया । तब उसके मन में विचार आया कि मुझे इस रसोघर में घुसना चाहिए…
कंचनपुर के एक धनी व्यापारी के घर में रसोई में एक कबूतर ने घोंसला बना रखा था । किसी दिन एक लालची कौवा जो है वो उधर से आ निकला । वंहा मछली को देखकर उसके मुह में पानी आ गया । तब उसके मन में विचार आया कि मुझे इस रसोघर में घुसना चाहिए…
एक राज्य था जो मूर्खता के साथ-साथ मंद बुद्धि के लिए प्रसिद्ध था। इस वजह से प्रजा के साथ उसके अपने मंत्री तक उसके सामने कांपते थे। न जाने कब किसी मंत्री से कोई गलती हो जाए और राजा उसे ही फांसी पर लटकवा दे एक दिन दरबार चल रहा था कि मुरली नमक दुकानदार…